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फारूक अब्दुल्ला, कश्मीर क्या तुम्हारे बाप का है?

फारूक अब्दुल्ला का प्रोफाइल:

नाम फारूक अब्दुल्ला
काम धंधा इस्लामिक आतंकवादी देश पाकिस्तान समर्थक राजनेता, जम्मू कश्मीर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री  
सफलताये भारत के खिलाफ आग उगलना, पाकिस्तान प्रायोजित इस्लामिक आतंकवाद का समर्थन करना, इत्यादि
वर्तमान हालात बेरोजगार राजनेता, मुख्य काम-कुत्ते की तरह भौकना
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पाकिस्तान प्रेमी मुस्लिम राजनेता- फारूक अब्दुल्लाह और उमर अब्दुल्लाह

प्रिय पाठक लोगो, हम सभी जानते है की पूरा जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और ये भावना हर सच्चे भारतीय के दिल से निकलती है. लेकिन हमारे बीच में कुछ पाकिस्तान प्रेमी कुत्ते भी है जो कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा मानते है और इंडिया में रहते हुए भी पाकिस्तान के पक्ष में अपने मुह का गंदा शटर खोल ही देते है. कुछ ऐसा ही काम जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुलाह ने किया है.

आइये पुरे मामले को जानते है:

कुछ दिन पहले फारुक अब्दुल्लाह ने एक विवादित और भारत विरोधी बयान दिया था. चेनाब घाटी में एक कार्यक्रम के दौरान फारूक अब्‍दुल्‍ला ने पाकिस्‍तान अध‍िकृत कश्‍मीर (पीओके) पर भारत के दावे को लेकर कहा: क्‍या यह तुम्‍हारे बाप का है? उन्होंने आगे कहा : पीओके भारत की बपौती नहीं है जिसे वह हासिल कर ले। उन्‍होंने पाकिस्तान के पक्ष में बोलते हुए कहा- नरेंद्र मोदी सरकार को चुनौती दी कि वह पाकिस्‍तान के कब्‍जे से पीओके को लेकर दिखाए।

इस्लामिक आतंकी देश १९४७ में भारत विभाजन के वजह से बना जिसमे भारत में मुसलमानों ने अपने लिए एक मुस्लिम देश की मांग की. उस समय भारत का 30% हिस्सा काटकर मुसलमानों के लिए पाकिस्तान नामक देश बनाया गया था लेकिन हमारे तथाकथित राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी(जिनकी निजी और राजनीति जिंदगी काफी विवादपूर्ण थी) की वजह से करीब 3 करोड़ मुस्लिम भारत में ही रह गए जो अब बढ़कर 25 करोड़ हो गए है.

मुस्लिम लोग जहा भी रहते है वह लॉ एंड आर्डर के लिए खतरा बन जाते है. कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. ये हम सब जानते है. लेकिन भारत के 25 करोड़ मुसलमानों में से अधिकांश मुस्लिम भारत में रहते हुए भी पाकिस्तान के प्रति अपनी वफादारी दिखाते है और भारत के साथ गद्दारी करते रहते है.

भारतीय राज्य जम्मू और कश्मीर के 55% भाग पर पाकिस्तान १९४७ से कब्ज़ा कर के बैठा हुआ है (तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरु की मुर्खता की वजह से). शेष बचे 45% भाग पर भी कब्ज़ा ज़माने के लिए पाकिस्तान ने भारत के 4 युद्ध लादे लेकिन हर बार हार का मुह देखना पड़ा. फिर भी पाकिस्तान को लगता है की भारत में आतंकवादी हमले करवाकर कश्मीर को भारत के अलग किया जा सकता है.

भारत में सेकुलरिज्म की समस्या भी है जिसकी वजह से लोग मुसलमानों की गुंडागर्दी के खिलाफ बोलने से डरते है. फारूक अब्दुल्लाह जैसे गद्दार मुस्लिम और पाकिस्तानी चमचो को सबक सिखाने के लिए भारत सरकार को निम्नलिखित उपाय करना चाहिए:

  • जम्मू कश्मीर को सेना के हवाले कर देना चाहिए.
  • भारतीय सेना को गरियाने वाले सेक्युलर नेताओ, मीडिया के सेक्युलर कुत्तो, पाखंडी सेक्युलर नेताओ को कुत्ते की मौत मारना चाहिए,
  • पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का समर्थन करने वाले कश्मीरी नेताओ को आतंकवादी घोषित करने वाले नेताओ को या तो पाकिस्तान भेज देना चाहिए या उन्हें गोली से उड़ा देना चाहिए. भारतीय करदाताओ के पैसे से उनको सुरक्षा, आवास, भोजन जैसी सुविधाए देने का क्या मतलब है? हम कश्मीर को देश से अलग करने का सपना देखने वाले आतंकवादियों को क्यों पाल रहे है?
  • पाकिस्तान के कब्जे से कश्मीर को आजाद करवा लेना चाहिए. बलूचिस्तान और सिंध को भी पाकिस्तान अलग कर देना चाहिए,
  • पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करके उसपर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. उसके साथ सिन्धु नदी जल समझौता ख़त्म कर देना चाहिए,
  • पाकिस्तान के हर आतंकवादी हमले का करारा जवाब देना चाहिए.
  • भारत के जो मुसलमान पाकिस्तान जाना चाहते है उन्हें पाकिस्तान भेज देना चाहिए.

अंतिम बात: फारुक अब्दुल्लाह, कश्मीर तुम्हारे बाप का नहीं है. तुम्हे पाकिस्तान जाना है तो जा सकते हो. भारत में रहकर कुत्ते की तरह भौकना बंद कर दो.

जय हिन्द! जय भारत!

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