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लव जिहाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को लताडा, NIA को दिए जाँच के आदेश

केरल: इन दिनों केरल से लगातार नकारात्मक खबरे आ रही है. राज्य में अधिकांश समय कांग्रेस और वामपंथी सरकारों ने राज किया है लेकिन इस राज्य के विकास के लिए आजतक कुछ नहीं किया. फिलहाल केरल में वामपंथी सरकार है. जब से नई सरकार सत्ता में आई है तब से केरल इस्लामिक आतंकवाद, आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओ की हत्या, हाई क्राइम रेट, मुस्लिम गुंडागर्दी, लेफ्ट पार्टी के कार्यकर्ताओ की दादागिरी के लिए न्यूज़ हेडलाइंस में तैर रहा है.

काफी समय से राष्ट्रवादी भारतीय, बीजेपी और आरएसएस के नेता, जागरूक हिन्दू लोग, सोशल मीडिया यूजर, गैर-मुस्लिम युवतियों के खिलाफ मुस्लिमो द्वारा चलाये जाने वाले खतरनाक खेल- लव जिहाद- के बारे में लगातार चेतावनी दे रहे है फिर भी मुर्ख हिन्दू युवतिया मुस्लिमो पर यकीन करके अपनी जिंदगी को बर्बाद कर रही है. लव जिहाद में मुस्लिम युवक प्यार के नाम पर हिन्दू और अन्य धर्मो की लडकियों को इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिए मजबूर करते है, उनका यौन शोषण करते है और झगडा बढ़ने पर विवाहित हिन्दू लडकियों की हत्या कर देते है और फिर से नए शिकार की तलाश में लग जाते है.

हाल के कुछ वर्षो में लव जिहाद के मामलो की बाड सी आ गई है. फिर भी भारत मीडिया के जिहादी पत्रकार और न्यूज़ चैनल्स, स्वघोषित सेक्युलर नेता, तथाकथित बुद्धिजीवी, मुसलमानों की गुंडागर्दी पर चुप रहने वाले दोगले लिबरल लोग लव जिहाद के अस्तित्व को ही नकारते है. उनके अनुसार लव जिहाद जैसा कोई चीज नहीं होता. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद दोहरा मापदंड अपनाने वाले सारे लोगो की पोल खुलने वाली है.

सुप्रीम कोर्ट में लव जिहाद का पहला मामला सुनवाई के लिए आया है. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केरल सरकार को लव जिहाद के मामले पर लताडा और राष्ट्रीय जांच एजेंसी को मामले की जाँच करने और रिपोर्ट दाखिल करने को कहा.

क्या है मामला?

केरल के वाइकोम की रहने वाली अखिला तमिलनाडू के सलेम में रहकर होम्योपैथी की पढ़ाई कर रही थी. लड़की के पिता के आरोप के अनुसार- हॉस्टल में उसके साथ रहने वाली 2 मुस्लिम लड़कियों ने उसे धर्म परिवर्तन करके इस्लाम धर्म अपनाने के लिए राजी कर लिया और लड़की ने इस्लाम कबूल कर अपना नाम हदिया रख लिया तथा वह जनवरी 2016 में अपने परिवार से अलग रहने लगी और एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली.

अपनी बेटी के इस्लाम धर्म अपनाने पर परेशान पिता ने केरल हाई कोर्ट मे दो याचिका डाली जिसमे से पहली याचिका ख़ारिज हो गई लेकिन दुसरी याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने एक हिन्दू युवती के धर्म परिवर्तन के तुरंत बाद जल्दीबाजी में मुस्लिम युवक से शादी करने की घटना को लव जिहाद बताते हुए 25 मई को निकाह को अवैध घोषित करते हुए रद्द कर दिया और लड़की को उसके पिता के पास वापस भेज दिया.

हाई कोर्ट ने शादी की परिस्थितियों को भी देखा और पाया की नयी याचिका के बाद जल्दबाज़ी में शादी करवाई गई. यह बात भी सामने आई की हदिया को अपने पति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. पति और हदिया का धर्म परिवर्तन कराने वाली महिला की संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों की बात भी कोर्ट को पता चली!

हिन्दू लड़की के पिता एम अशोकन का कहना है की उनकी बेटी गलत हाथों में पड़ गई है. उसे कुख्यात मुस्लिम आतंकवादी संगठन IS का सदस्य बना कर सीरिया भेजा जा सकता है. यह बात गौर करने योग्य है की केरल में कट्टरपंथी मुस्लिम लोगों के धर्म परिवर्तन की कोशिश में लगे हैं. वो ताज़ा मुसलमान बने लोगों को जिहाद के नाम पर अफगानिस्तान और सीरिया भी भेज रहे हैं. (लेकिन अपने समुदाय के मूल लोगो को जिहाद में झोकने में उनकी फटती है). हदिया के मामले में भी NIA ने ऐसा होने की आशंका जताई.

केरल हाई कोर्ट से झटका खाने के बाद मुस्लिम युवक शफीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जहा उसके लव जिहाद की पैरवी कांग्रेसी चमचे (जो मुस्लिम औरतो की जिंदगी को नरक बनाने वाली घटिया प्रथा ट्रिपल तलाक को जारी रखने के प्रबल समर्थक है) सिब्बल और इंदिरा जयसिंह ने हाई कोर्ट का आदेश निरस्त करने की मांग की जिसका अशोकन की वकील माधवी दीवान ने कड़ा विरोध किया.

सुप्रीम कोर्ट के दो वरिष्ट वकीलों ने केवल हाई कोर्ट के फैसले के आधार पर मुस्लिम युवक के वकील सिब्बल और इंदिरा जयसिंह से कड़े सवाल किए जिससे उनकी हवा टाइट हो गई. केस की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी.

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